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	<title>कॉफी हाउस</title>
	<link>http://blogs.livehindustan.com/coffee-house</link>
	<description>Just another  weblog</description>
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		<title>क्योंकि मनोरंजन भी एक राजनीति है</title>
		<description>राजनीति एक मनोरंजन है और मनोरंजन भी एक राजनीति है। इसे थोड़ा और फैला कर इस तरह कहा जा सकता है कि राजनीति दीर्घकालिक मनोरंजन है और मनोरंजन अल्पकालिक राजनीति है। लेकिन जो लोग राजनीति को जरूरत से ज्यादा गंभीर और सत्ता व धन कमाने के साथ जान लेने और ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/coffee-house/2010/02/27/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%bf-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c/</link>
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		<title>स्वयं में एक मिथक थे डॉ. लोहिया</title>
		<description>राम मनोहर लोहिया इतिहास भी हैं और मिथक भी। वे राजनीतिज्ञ भी हैं और धर्मगुरु भी। वे दार्शनिक भी हैं और राजनीतिक कार्यकर्ता भी। सचमुच आज के समाजवादी नेताओं को देखकर यकीन नहीं होता कि उनके आंदोलन में कभी इतनी विलक्षण प्रतिभा रही होगी। जिस तरह वे राम, कृष्ण और ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/coffee-house/2010/02/20/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%af%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%95-%e0%a4%a5%e0%a5%87-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b9/</link>
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		<title>डॉ लोहिया की नर-नारी समता और बहुपत्नी प्रथा की चुनौती</title>
		<description>डॉ लोहिया व्यक्ति स्वातंत्रय, समता और प्रेम के अनन्य उपासक थे। पर उनका यह भी मानना था कि स्वतंत्रता और समता के बिना प्रेम संभव नहीं है। इसलिए वे प्रेम की अनिवार्य शर्त के रूप में पहली दोनों स्थितियों को पैदा करना चाहते थे। अपने आदर्शों के समाज की स्थापना ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/coffee-house/2010/02/17/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94/</link>
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		<title>थ्री ईडियट्स, हम और बेचैन</title>
		<description>इसे संयोग कहें या साजिश। दो हफ्ते पहले हमने ‘थ्री ईडियट्स’ देखी और अगले हफ्ते सचमुच हमसे ‘थ्री ईडियट्स’ मिल गए। तय हुआ कि किसी एक ईडियट के घर पर ही मिला जाए। लेकिन फिर इसलिए कार्यक्रम बदल दिया गया कि अगर मिलने पर तीस साल पुरानी भाषा-शैली की ताजगी ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/coffee-house/2010/01/21/%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%88%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b9%e0%a4%ae-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a8/</link>
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		<title>चालक पर तेज चलाने का दबाव न डालें</title>
		<description>उत्तर प्रदेश परिवहन की बसों पर ड्राइवर की सीट के सामने लिखा हुआ है कि, ‘‘चालक पर तेज चलाने का दबाव न डालें।’’ अगर इसे बसों पर सबसे मोटे अक्षरों में लिखी इबारत यानी ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ के साथ मिलाकर पढ़ें तो लगेगा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपने नागरिकों ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/coffee-house/2010/01/07/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%a8/</link>
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		<title>सुबह-ए-अवध की तलाश</title>
		<description>अवध की शाम सभी को अच्छी लगती है लेकिन अवध की सुबह के बारे में कोई नहीं सोचता। सुबह बनारस की अच्छी बताई जाती है। लेकिन अवध की सुबह भी अच्छी होनी चाहिए, ऐसा कोई क्यों नहीं कहता? उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य को तीन हिस्सों में बांटने ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/coffee-house/2009/12/28/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%ac%e0%a4%b9-%e0%a4%8f-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b6/</link>
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		<title>हिन्दी ने बनाया प्रभाष जोशी को स्टार</title>
		<description>अक्टूबर के आखिरी हफ्ते का कोई दिन रहा होगा। मैं तेजी से हिंदुस्तान टाइम्स बिल्डिंग की सीढ़ियों की तरफ बढ़ा जा रहा था। संपादकीय मीटिंग का समय होने वाला था। अचानक मुझे लगा कि कोई बड़ी छाया मेरा रास्ता रोक रही है। मैं जब तक अपना बाइफोकल सेट कर उसकी ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/coffee-house/2009/11/13/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7-%e0%a4%9c%e0%a5%8b/</link>
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