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	<title>Comments for होम</title>
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	<description>Just another  weblog</description>
	<pubDate>Sat, 25 May 2013 06:39:36 +0000</pubDate>
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		<title>Comment on आओ कुछ बात करें by rakesh kumar varshney</title>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/blog/2009/11/11/%e0%a4%86%e0%a4%93-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/#comment-1348</link>
		<dc:creator>rakesh kumar varshney</dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Jan 2012 02:13:37 +0000</pubDate>
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		<description>जी हां आपने बिलकुल सही कहा मै आपसे सहमत हु&#124;</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>जी हां आपने बिलकुल सही कहा मै आपसे सहमत हु|</p>
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		<title>Comment on तो सुन किस्सा, सारंगी! by sachin</title>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/blog/2009/11/10/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80/#comment-16</link>
		<dc:creator>sachin</dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Feb 2010 05:14:49 +0000</pubDate>
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		<description>गुड वन !!!!!</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>गुड वन !!!!!</p>
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		<title>Comment on तो सुन किस्सा, सारंगी! by SATISH CHAND</title>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/blog/2009/11/10/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80/#comment-15</link>
		<dc:creator>SATISH CHAND</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Jan 2010 07:52:36 +0000</pubDate>
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		<description>ऐसी कई सेलेब्रिटी जोडि़यां रही हैं जो परवान नहीं चढ़ सकीं. इसका ताजा उदाहरण भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा हैं जिनकी सोहराब मिर्जा के साथ हुई सगाई टूट चुकी है. सानिया ने लंबे समयअपने साथी को जीवन साथी बनाने का फैसला पिछले वर्ष किया था. सानिया ने कहा 'मंगनी के बाद से हमें लगा कि हम एक-दूसरे के लिए नहीं बने हैं.
अलग हुए एंजलीना और ब्रैड पिट्
सोहराब से सानिया की सगाई टूट गई
सानिया मिर्जा की सगाई टूटी &#124;
सानिया की सोहराब से जुलाई 2009 में हुई थी सगाई
सोहराब नहीं बन सके सानिया के हमसफर</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>ऐसी कई सेलेब्रिटी जोडि़यां रही हैं जो परवान नहीं चढ़ सकीं. इसका ताजा उदाहरण भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा हैं जिनकी सोहराब मिर्जा के साथ हुई सगाई टूट चुकी है. सानिया ने लंबे समयअपने साथी को जीवन साथी बनाने का फैसला पिछले वर्ष किया था. सानिया ने कहा &#8216;मंगनी के बाद से हमें लगा कि हम एक-दूसरे के लिए नहीं बने हैं.<br />
अलग हुए एंजलीना और ब्रैड पिट्<br />
सोहराब से सानिया की सगाई टूट गई<br />
सानिया मिर्जा की सगाई टूटी |<br />
सानिया की सोहराब से जुलाई 2009 में हुई थी सगाई<br />
सोहराब नहीं बन सके सानिया के हमसफर</p>
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		<title>Comment on तो सुन किस्सा, सारंगी! by SATISH CHAND</title>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/blog/2009/11/10/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80/#comment-14</link>
		<dc:creator>SATISH CHAND</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Jan 2010 07:08:50 +0000</pubDate>
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		<description>मुझे आपके सम्पद्किये पेज पैर अशौतोश के लेख आचे लागत हैं . कृपया उनके लेख सप्ताह मैं जरुर लेखे  और उनसे मिले भी . खुशवंत सिंह की कमेंट्री मुझे बहुत पसंद हैं . जी आप मीडिया पैर जो रविवार सम्पादकीय पैर लिखते हैं बहुत अच्छा लगता हैं .</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>मुझे आपके सम्पद्किये पेज पैर अशौतोश के लेख आचे लागत हैं . कृपया उनके लेख सप्ताह मैं जरुर लेखे  और उनसे मिले भी . खुशवंत सिंह की कमेंट्री मुझे बहुत पसंद हैं . जी आप मीडिया पैर जो रविवार सम्पादकीय पैर लिखते हैं बहुत अच्छा लगता हैं .</p>
]]></content:encoded>
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		<title>Comment on तो सुन किस्सा, सारंगी! by SATISH CHAND</title>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/blog/2009/11/10/%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80/#comment-13</link>
		<dc:creator>SATISH CHAND</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Jan 2010 07:00:52 +0000</pubDate>
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		<description>मीडिया का रूप 

आज मीडिया मैं अपनी प्रातक्रिया रखने के लिए लोग तरह तरह की कहावते कहते हैं . की मीडिया निष्पक्ष भी हैं पक्षधर भी हैं . बॉलीवुड मैं  इशकी विवेचना भी की गयी की मीडिया बातो का बतंगड़ बना देती हैं .
उसे के उपर कई फिल्म भी बनी लेकिन कुछ खास न कर सकी , आज जब रन फिल्म बने गयी तो सबसे पहले मीडिया मैं ही उसकी खरीदारी होने लगी की मीडिया अपने विचारोएँ से लोगो यानि जनहित के लिए एक सहायक रूप हैं . जब मीडिया की उतरन की फिल्म के माध्यम से पेश किया जारह हैं तो १८ तीन नेटवर्क वालो ने खरीद लिया की हम अपनी ओर से प्रसारित कर . पैसा कमाएंगे .क्या हैं सब 
मैंने सुना जब अभिताब बचान की माँ का देहांत हुआ तब एक रिपोर्टर ने उनसे पुचा की आपको अब कैसा महसूश हो रहा हैं. इस तरह की रिपोर्टिंग जनसमुदाय को थेश पहुचती हैं .मीडिया एक रास्ता हैं जनहित का उसकी आवाज़ को सरकार तक उन लोगो तक पहुचना जहाँ पैर उन्हें इन्साफ मिलता हैं. 

सतीश चन्द्र</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>मीडिया का रूप </p>
<p>आज मीडिया मैं अपनी प्रातक्रिया रखने के लिए लोग तरह तरह की कहावते कहते हैं . की मीडिया निष्पक्ष भी हैं पक्षधर भी हैं . बॉलीवुड मैं  इशकी विवेचना भी की गयी की मीडिया बातो का बतंगड़ बना देती हैं .<br />
उसे के उपर कई फिल्म भी बनी लेकिन कुछ खास न कर सकी , आज जब रन फिल्म बने गयी तो सबसे पहले मीडिया मैं ही उसकी खरीदारी होने लगी की मीडिया अपने विचारोएँ से लोगो यानि जनहित के लिए एक सहायक रूप हैं . जब मीडिया की उतरन की फिल्म के माध्यम से पेश किया जारह हैं तो १८ तीन नेटवर्क वालो ने खरीद लिया की हम अपनी ओर से प्रसारित कर . पैसा कमाएंगे .क्या हैं सब<br />
मैंने सुना जब अभिताब बचान की माँ का देहांत हुआ तब एक रिपोर्टर ने उनसे पुचा की आपको अब कैसा महसूश हो रहा हैं. इस तरह की रिपोर्टिंग जनसमुदाय को थेश पहुचती हैं .मीडिया एक रास्ता हैं जनहित का उसकी आवाज़ को सरकार तक उन लोगो तक पहुचना जहाँ पैर उन्हें इन्साफ मिलता हैं. </p>
<p>सतीश चन्द्र</p>
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		<title>Comment on आओ कुछ बात करें by satish chand</title>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/blog/2009/11/11/%e0%a4%86%e0%a4%93-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/#comment-3</link>
		<dc:creator>satish chand</dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Dec 2009 07:29:09 +0000</pubDate>
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		<description>आज देश में हर एक दिन कोई न कोई बात ऐसी मैंने देखी है, जितने भी बड़े लोग होते हैं उनको अगर किसी रोज कहीं कुछ हो जाता हैं तो उसको देश के सामने तुरंत दिखाया जाता हैं। ऐसा क्यों सर, मैं आपसे पूछता हूं गरीब का क्यों नहीं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आज देश में हर एक दिन कोई न कोई बात ऐसी मैंने देखी है, जितने भी बड़े लोग होते हैं उनको अगर किसी रोज कहीं कुछ हो जाता हैं तो उसको देश के सामने तुरंत दिखाया जाता हैं। ऐसा क्यों सर, मैं आपसे पूछता हूं गरीब का क्यों नहीं।</p>
]]></content:encoded>
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		<title>Comment on आओ कुछ बात करें by satish chand</title>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/blog/2009/11/11/%e0%a4%86%e0%a4%93-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/#comment-2</link>
		<dc:creator>satish chand</dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Dec 2009 07:18:48 +0000</pubDate>
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		<description>राज की राजनीति ने सब को हिलाया
मराठी को लेकर नेता पिटवाया
लेकिन किन्तु परन्तु
ये राजतंत्र सबका बंधू
ये राज क्या कहता की क्या चलाएगा लूंगी वाला सरकार
बाल का लाल कहता हैं बबई रहो तो मराठी बोलो
देश तो भारत हैं कहीं भी रहने का हक प्रत्‍येक व्यक्ति को
ये है राज तंत्र
ये करता हैं अवमानना छापता हैं सामना

सतीश चाँद</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>राज की राजनीति ने सब को हिलाया<br />
मराठी को लेकर नेता पिटवाया<br />
लेकिन किन्तु परन्तु<br />
ये राजतंत्र सबका बंधू<br />
ये राज क्या कहता की क्या चलाएगा लूंगी वाला सरकार<br />
बाल का लाल कहता हैं बबई रहो तो मराठी बोलो<br />
देश तो भारत हैं कहीं भी रहने का हक प्रत्‍येक व्यक्ति को<br />
ये है राज तंत्र<br />
ये करता हैं अवमानना छापता हैं सामना</p>
<p>सतीश चाँद</p>
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