पिछले हफ्ते कुछ करीबी मित्र पटना आए। पहली बार पटना क्या, बिहार में ही आए थे। जाहिर है, बिहार की (कु)ख्याति की जानकारी से सराबोर दो दिन तो उन्हें समझने में गए कि भाई स्थितियां बदल रही हैं, लोग बदल रहे हैं, वगैरह..। फिर बात आई घूमने पर, गोलघर? गांधी मैदान? गांधी सेतु.., ठीक है। सिखों के लिए प्रसिद्ध पटना साहिब गुरुद्वारा, जहां गुरु गोविंद सिंह ने जन्म लिया था, तो उन्हें जाना ही था। लेकिन, इससे आगे क्या? कुछ नहीं क्या? उनकी इस सोच का मेरे पास इक ही जवाब सूझ पड़ा, ‘किला हाउस’, जालान्स कलेक्शन। सन् 1541 के दौरान बिहार के शासक शेरशाह सूरी के किले की नींव पे तामीर इस भवन को गया के नवाब से आरके जालान ने खरीदा था। Read more
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