देश के लोगों ने गुजरे दो हफ्तों में स्तब्ध भाव से एक सियासी नौटंकी देखी। यह अभूतपूर्व ड्रामा भारतीय राजनीति में अपनी रीति-नीति चलाने के लिए मशहूर ममता बनर्जी ने रचा था। आप समझ गए होंगे। हम दिनेश त्रिवेदी, उनके रेल बजट और उनके बहाने समूचे ‘गठबंधन धर्म’ की बात कर रहे हैं। Read more
अपने संकोच की जंजीरों में कैद रहने के अभ्यस्त भारतीय क्षणिक उन्माद की तलाश में रहते हैं, ताकि कुछ समय के लिए ही सही, पर उल्लास के कुछ लमहे अपने लिए गढ़ सकें। पिछले शुक्रवार को सचिन के सौवें सैकड़े के साथ एक बार फिर उन्हें यह मौका घर बैठे ही हासिल हो गया। Read more
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का सत्ता में आना महज संयोग नहीं है। इसके लिए उन्होंने भरपूर मेहनत की और जनता ने भी इस नौजवान में अपना आसरा देखा। मुझे विश्वास है कि अखिलेश जानते होंगे कि उनके लिए यह गौरव से ज्यादा जिम्मेदारी की बात है। Read more
अगर आप उत्तर प्रदेश या उत्तराखंड के रहने वाले हैं, तो कृपया ये सवाल अपने आप से पूछिए- चुनाव के दौरान आपने राजनीति की या नहीं? वोट डाला या नहीं? अगर मतदान करने गए, तो बिना भावना में बहे सही उम्मीदवार को मत दिया या नहीं? Read more

