परिचय

राजेन्द्र धोड़पकर
कार्टूनिस्ट व एसोशिएट एडिटर, हिन्दुस्तान

फिलहाल ‘हिन्दुस्तान’ के कार्टूनिस्ट और असोसिएट एडिटर। साहित्य, नाटक, सिनेमा, चित्रकला जैसी अनेक विधाओं में टांग फंसाई और कोई भी काम ठीक से नहीं किया। पत्रकारिता भी ठीक से कर रहे हैं या नहीं इस पर संदेह लेकिन पत्रकारिता की तात्कालिकता के साथ अच्छी निभ गई। गंभीर और कालजयी काम करने का दायित्व दूसरों के कंधे पर मानकर, पूरी विनम्रता के साथ कलम घिसने में रुचि। थोड़ी थोड़ी जानकारी हर विषय की, ठीक से किसी भी विषय की नहीं।

देर तक ब्लॉग से अनुपस्थित रहने के लिए क्षमा। मैं लिखना और कुछ चाहता था, लेकिन कॉपीराइट वाले मसले पर जावेद अख्तर और आमिर खान के झगड़े ने मुझे कुछ दूसरा लिखने के लिए सूत्र दे दिया। झगड़ा यह था कि गाने की लोकप्रियता में स्टार का हिस्सा बड़ा होता है या उस गाने के बनाने वालों, यानी गायक, संगीतकार, गीतकार इत्यादि का। इसमें भी सबसे कम श्रेय मिलता है बेचारे गीतकार को। [Read more]

हिंदी फिल्मों में सबसे बड़ी तादाद में खराब गीत किसने गाए? यहां बात कुमार शानु और हिमेश रेशमिया की नहीं है, सचमुच के गायकों की बात हो रही है। मेरे ख्याल से इसका जवाब होगा- लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी और किशोर कुमार। वजह साफ है लता मंगेशकर लंबे वक्त तक सबसे लोकप्रिय गायिका रही, मोहम्मद रफी पहले और बाद में किशोर कुमार सबसे लोकप्रिय पुरुष गायक रहे। इसकी वजह से सारे संगीतकार इन्हीं से गाने गवाते थे। [Read more]