अभिनव बिन्द्रा खाते-पीते घर के हैं। उन्हें सरकारी मदद न मिले फिर भी वे चैम्पियन बनने लायक साधन जुटा सकते हैं। पर वे भी परेशान हैं। उन्हें लगता है कि देश की खेल व्यवस्था में कोई दोष है। जिन दिनों हॉकी खिलाड़ियों की बगावत हवा में थी उन दिनों राष्ट्रीय रायफल एसोसिएशन भी विवादों से घिरी थी। एक तो बाहर से शूटिंग उपकरण मंगाने के कारण करीब 8.5 करोड़ के टैक्स का मामला था दूसरे डबल ट्रैप शूटिंग के दुबारा ट्रायल का मामला उठा। Read more