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	<title>युवा पार्क</title>
	<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park</link>
	<description>Just another  weblog</description>
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		<title>दिल्ली पत्थरदिल!</title>
		<description>बेलाग - हितेश शंकर

काम-काजी दिन की व्यस्त शुरुआत के बीच हाईकोर्ट के बाहर दिल-दहलाने वाला धमाके के साथ ही चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी का माहौल। लहूलुहान लोगों को सहारा देते मददगार इतने नहीं हैं जितने तमाशबीन। हादसे के बाद सनसनी तलाशती भीड़ मौके पर जम जाती है। जांच और राहत ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2012/02/01/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2-2/</link>
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		<title>&#8216;भाई अन्ना ने तो अब बोर कर दिया&#8217;</title>
		<description>आप भी कुछ कहिए- सुजीत कुमार
जब सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे दिल्ली के रामलीला मैदान में या अनशन के लिए बैठे तो लोगों का हुजूम उनको देखने के लिए पहुंचा। आखिर हो भी क्यों नहीं, अन्ना एक ऐसे मसले को लेकर बैठे थे जिससे भारत की हरेक जनता परेशान है। हर ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/12/25/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%bf/</link>
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		<title>हर एक फ्रेंड जरूरी होता है</title>
		<description>गुफ्तगू- अजय शर्मा

यह कॉलम लिखने की प्रेरणा मुझे सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और ट्विटर पर लिखी जाने वाली कुछ पोस्ट और उन पर की जाने वाली प्रतिक्रियाओं से मिली। पिछले कुछ सालों में फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल साइट्स की लोकप्रियता तेजी के साथ बढ़ी है। कुछ सवाल अक्सर मुझे ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/10/24/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88/</link>
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		<title>32 रुपए की अमीरी: कैसे पूरी होगी थाली?</title>
		<description>बस यूं ही- दिगपाल सिंह। भारत सरकार के अनुसार अगर आप दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों में रहते हैं और चार लोगों के परिवार के खाने पर 32 रुपए खर्च करते हैं तो आप गरीब नहीं है। यही नहीं छोटे शहरों और गांवों में 26 रुपए खर्च करने ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/09/22/32-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%8b/</link>
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		<title>हमारी आत्मा में बसा है भ्रष्टाचार</title>
		<description>सौरभ सुमन, गलियां
सुना है आजकल शहद और नारियल पानी की देश में मांग बढ़ गई है। शायद साउथ के किसानों के चेहरों पर शहद और नारियल पानी में पाए जाने वाले प्राकृतिक चीजों का असर भी शायद अब दिखने लगे। मांग में तेजी के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/09/17/%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%b0/</link>
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		<title>फिर भीग गई आंखें मेरी….</title>
		<description>इंद्रधनुष- प्रदीप पाठक

ये पंक्तियां देश के हर उस दुश्मन
के नाम हैं जो सोच रहा है हम कमज़ोर
हैं..हम
बेबस हैं ..जो नापाक कोशिशें करता
जा रहा है..!..अब समय है किसी पर
विश्वास न
करने का..अब समय है खुद इन्साफ
करने का...!

लाहौर से आए
कुछ बादलों की बूंदों ने
आज भिगोया है.

मेरे वतन के साए में आ कर
उन्होंने अंगडाई ली ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/09/16/%e0%a5%9e%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%97-%e0%a4%97%e0%a4%88-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80%e2%80%a6/</link>
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		<title>फिर बज उठेगी रणभेरी</title>
		<description>बस यूं ही- दिगपाल सिंह।

फिर बज उठेगी रणभेरी
फिर से गूंजेगा इंकलाब
फिर से एक नया सवेरा होगा
वतन पर मर मिटने वाला
फिर कोई उठ खड़ा होगा।

एक नये सवेरे की चाहत में
एक नई लौ जल उठी है
उम्मीद की रौशनी से रौशन
जिंदगी अब अपने अतीत से रूठी है
अब तो सूरज उगने वाला है।

अब सूरज ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/08/25/%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%9c-%e0%a4%89%e0%a4%a0%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%ad%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80/</link>
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		<title>जन लोकपाल पर सवाल कितने जायज?</title>
		<description>आप भी कुछ कहिए- सुजीत कुमार
भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए अन्ना हजारे की मुहिम में लाखों लोग शिरकत कर रहे हैं। ये लोग हर वर्ग से हैं, जो बस एक मांग जन लोकपाल को लेकर अन्ना के साथ हैं। लेकिन सरकार बार-बार साफ कर चुकी है कि जन लोकपाल बिल ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/08/23/%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%be/</link>
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		<title>गांधीवादी अन्ना कितने &#8216;गांधीवादी&#8217;</title>
		<description>आप भी कुछ कहिए- सुजीत कुमार
वंदे मातरम, भारत माता की जय, अन्ना तुम आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं, जैसे नारों के साथ तिरंगा फहराते लोगों को देखकर ऐसा कौन भारतीय होगा, जो उद्वेलित नहीं हो उठेगा। कुछ ऐसा ही नजारा रामलीला मैदान का है, जहां हजारों अन्ना समर्थक हाथों ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/08/22/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%be/</link>
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		<title>वन्दे मातरम् !!!</title>
		<description>


इंद्रधनुष- प्रदीप पाठक

माँ तेरे माथे की -
बिंदिया देखी,
तो लगा सारे रंग हैं-
जहां में!

तेरे रूप से दमकी-
ये हरयाली देखी,
तो लगा सब संग हैं-
जहां में!

तेरा लहराता आंचल,
रोज़ बारिशें करता है,
तेरा मुस्कुराता दामन,
रोज़ ख्वाहिशें भरता है।

आज मैं आज़ादी के-
फिर करीब हूं ..
तू संभाल लेना ….
मेरे बच्चों को ..
खेत खलियानों को ..
तू सवांर देना ...</description>
		<link>http://blogs.livehindustan.com/yuva_park/2011/08/14/%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%8d/</link>
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